Best Desh Bhakti Shayari in Hindi atitude
खूब बहती है गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे में मत बांटो मुझको
छत पर मेरे एक तिरंगा रहने दो।
आरजू बस यही है
दम निकले तो तेरी बन्दगी में
जय हिंद का नारा हो,
तिरंगा कफ़न हमारा हो।
आरजू बस यही है
मेरी हर सांस देश के नाम हो
जो सिर उठे तो मेरे सामने तिरंगा हो
जो सिर झुके तो वतन को प्रणाम हो।
0 टिप्पणियाँ
Your Answaer :